साउथ एशियन गेम्स में विदेशी कोच का अनुभव आएगा काम, फाॅर्म में नजर आएगी टीम इंडिया



ग्वालियर | पहली बार एक महीने से ऊपर को नेशनल कैंप करने का मिला। खास बात यह थी कि विदेशी टीमों की तरह इस बार हमारा कैंप भी उसी फाॅर्मेट में संचालित हुआ। विदेशी कोच की मौजूदगी में इस कैंप में बहुत कुछ सीखने को मिला। यह सोच अकेली मेरी नहीं बल्कि कैंप में शामिल हर प्लेयर्स ने महसूस किया। इसका लाभ साउथ एशियन गेम्स में टीम को नतीजे बदलने में मिलेगा। यह बात नेशनल बास्केटबॉल टीम में चयनित हुए ग्वालियर के हर्षवर्धन सिंह तोमर ने बेंगलुरू कैंप से फोन पर कही।

 

दो माह पूर्व जूनियर कैटेगरी में देश का नेतृत्व करने वाले हर्ष अब सीनियर वर्ग में सेंटर और फारवर्ड की पोजीशन पर खेलते दिखेंगे। थ्री ओन थ्री (3X3)टीम से खेलने वाले हर्षवर्धन ने कहा, 1 दिसंबर से नेपाल में साउथ एशियन गेम्स शुरू होंगे, जिसमें भारतीय टीम अपनी चुनौती पेश करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि 29 अक्टूबर से संचालित इस कैंप में बहुत कुछ सीखने को मिला।

 

मैं अपनी कहूं तो मेरे खेले में शूटिंग की स्पीड पहले की तुलना में बड़ी है। इसके अलावा कनेक्टिंग भी ज्यादा करने लगा हूं। विदेशी कोच नई-नई तकनीकों को बतौर प्रैक्टिकल अपनाते हैं। इससे खिलाड़ियों को कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है। इस बार अच्छे नतीजे आएंगे।